
Business Development Manager Jyoti Prasad से खास बातचीत; मजबूत क्लाइंट नेटवर्क, भरोसेमंद रिलेशनशिप और लगातार विस्तार के विजन पर खुलकर रखी अपनी बात.
रियल एस्टेट में किसी कंपनी की ग्रोथ केवल प्रोजेक्ट्स की संख्या से तय नहीं होती. इसके पीछे मजबूत क्लाइंट रिलेशनशिप, प्रोडक्ट पर विश्वास, टीम की क्षमता और बाजार की जरूरतों को समझने वाली बिजनेस डेवलपमेंट रणनीति भी उतनी ही अहम होती है. खासतौर पर ऐसे समय में जब ग्राहक किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश से पहले उसकी ऑथेंटिसिटी, रिलायबिलिटी और संभावित वैल्यू को लेकर कई स्तरों पर जानकारी जुटाते हैं, ऐसे में भरोसा बिजनेस का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन जाता है.
Induma Group में Business Development Manager Jyoti Prasad इसी सोच के साथ क्लाइंट नेटवर्क और टीम को लगातार विस्तार देने पर जोर देती हैं. उनका मानना है कि बिजनेस डेवलपमेंट का मूल उद्देश्य केवल बिक्री करना नहीं, बल्कि ग्राहक के साथ ऐसा प्रोफेशनल रिश्ता बनाना है, जिसमें विश्वास लंबे समय तक कायम रहे.
Jyoti Prasad रियल एस्टेट सेक्टर में छह वर्षों तक Estate Manager के रूप में काम करने के बाद हाल ही में Induma Group से जुड़ी हैं. कंपनी के साथ अपनी नई पारी को लेकर उनका उत्साह और भविष्य के लिए उनका विजन स्पष्ट है—आज की छोटी टीम और सीमित प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को आने वाले वर्षों में कहीं बड़े नेटवर्क और बिजनेस में बदलना.
Induma Group में Business Development के स्तर पर किसी प्रोजेक्ट को लेकर आपकी प्लानिंग क्या रहती है?
सबसे पहले कंपनी और उसके प्रोडक्ट पर विश्वास होना बहुत जरूरी है. कोई भी कंपनी बड़ी हो या छोटी, जब तक हम अपनी कंपनी और उसके प्रोडक्ट को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं होंगे, तब तक हम प्रभावी तरीके से उस प्रोडक्ट पर काम नहीं कर सकते.
मेरा मानना है कि हमें यह विश्वास रखना चाहिए कि जिस जगह हम काम कर रहे हैं, वह हमारे लिए सबसे अच्छी जगह है. जिस पद पर हम हैं, वह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और हमारा मैनेजमेंट हमारे लिए सबसे मजबूत सपोर्ट सिस्टम है.
जब यह माइंडसेट हमारे अंदर होता है, तो हम अपने काम पर ज्यादा फोकस कर पाते हैं और ग्रोथ की दिशा में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं.
आज के ग्राहक किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर काफी क्रॉस-चेक करते हैं. Authenticity, Accountability और Reliability बाजार में महत्वपूर्ण मुद्दे बन चुके हैं. ऐसे में आपका अप्रोच क्या रहता है?
बिल्कुल, ग्राहक का क्रॉस-चेक करना उसका अधिकार है. जैसे कोई व्यक्ति कोई सामान्य प्रोडक्ट भी खरीदता है तो वह यह देखता है कि इससे बेहतर विकल्प क्या हो सकता है. प्रॉपर्टी तो एक बड़ा निवेश है, इसलिए ग्राहक का जानकारी जुटाना स्वाभाविक है. मेरा मानना है कि ग्राहक को उसका काम करने देना चाहिए और हमें अपना काम करना चाहिए. हमें अपने प्रोडक्ट पर पूरा कॉन्फिडेंस रखना चाहिए.
जब ग्राहक हमारे सामने बैठे तो हमें पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने प्रोडक्ट के बारे में बताना चाहिए और उसे यह विश्वास दिलाना चाहिए कि कंपनी केवल आज की डील तक उसके साथ नहीं है, बल्कि उसके पूरे सफर में साथ खड़ी रहेगी. ग्राहक जब हमसे जुड़े तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि शुरुआत से लेकर भविष्य में एग्जिट तक हम उसके साथ हैं. यही भरोसा किसी भी बिजनेस रिलेशनशिप को मजबूत बनाता है.
Business Development में रिलेशनशिप कितनी महत्वपूर्ण है? क्या यह पूरी तरह प्रोफेशनल होना चाहिए या इसमें पर्सनल कनेक्ट भी जरूरी है?
Business Development में बहुत ज्यादा पर्सनल होना जरूरी नहीं है. लेकिन सामने बैठे व्यक्ति को समझना जरूर जरूरी है. क्लाइंट की परिस्थितियों, उसकी जरूरतों और उसकी प्राथमिकताओं के बारे में हमें कुछ जानकारी होनी चाहिए. उसी तरह क्लाइंट को भी हमारे बारे में और हमारी प्रोफेशनल भूमिका के बारे में कुछ जानकारी होनी चाहिए. हर व्यक्ति कितना भी प्रोफेशनल क्यों न हो, कहीं न कहीं उसके फैसलों के पीछे एक मानवीय और भावनात्मक पक्ष भी होता है. इसलिए क्लाइंट की परिस्थिति को समझना जरूरी है. लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए. बहुत ज्यादा पर्सनल होना सही नहीं है. मेरा मानना है कि रिलेशनशिप प्रोफेशनल हो, लेकिन उसमें मानवीय जुड़ाव जरूर होना चाहिए.
Business Development Manager के तौर पर कंपनी की ग्रोथ के लिए आपकी रणनीति क्या है?
एक मैनेजर का सबसे महत्वपूर्ण काम अपनी टीम और अपनी क्लाइंट चेन को लगातार बढ़ाना है. अगर आज हमारे पास 100 सदस्य हैं, तो मेरी प्लानिंग उन्हें 1000 तक ले जाने की है. मेरा फोकस केवल अपनी पोस्ट को ऊपर ले जाने पर नहीं है. मैं अपने काम और अपनी टीम को लगातार मजबूत करने पर ध्यान देना चाहती हूं. जब आप अपने नेटवर्क में एक और जीरो जोड़ते हैं, यानी अपनी टीम और क्लाइंट बेस को कई गुना बढ़ाते हैं, तो कंपनी और मैनेजमेंट भी आपकी ग्रोथ को आगे ले जाने में आपके साथ खड़े होते हैं.
यदि आपको Induma Group के साथ अपनी personal journey को एक लाइन में describe करना हो तो कैसे करेंगी?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरी हमारे MD Rishi Sir के साथ मीटिंग हुई. उनसे मिलने के बाद मुझे अपना निर्णय लेने में पांच मिनट भी नहीं लगे.मुझे लगा कि मैं उनके साथ अपनी जर्नी को आगे बढ़ाना चाहती हूं. मेरे लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोफेशनल निर्णय था और मैं इस जर्नी को बहुत आगे तक लेकर जाना चाहती हूं.
Induma Group में आपका meaningful contribution क्या है?
मेरा मानना है कि रियल एस्टेट की जर्नी लगातार क्लाइंट जोड़ने की जर्नी है.हमारा प्रयास होना चाहिए कि हर दिन कम से कम एक-दो नए क्लाइंट हमारे नेटवर्क में जुड़ें. जैसे-जैसे क्लाइंट बेस बढ़ता है, वैसे-वैसे व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत होता है और कंपनी भी मजबूत होती है.इसलिए मेरा फोकस लगातार क्लाइंट बेस और नेटवर्क को बढ़ाने पर है.
जो युवा प्रोफेशनल रियल एस्टेट इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें आपकी क्या सलाह है?
मैं बिल्कुल कहूंगी कि युवाओं को रियल एस्टेट में करियर बनाना चाहिए. यह उनके लिए एक अच्छा समय है.अगर कोई युवा अभी से इस इंडस्ट्री से जुड़कर लगातार सीखता और काम करता है, तो आने वाले 5, 7 और अधिकतम 10 वर्षों में वह एक मजबूत प्रोफेशनल पोजिशन तक पहुंच सकता है. रियल एस्टेट में नेटवर्क, अनुभव और क्लाइंट रिलेशनशिप समय के साथ मजबूत होते हैं. इसलिए शुरुआत जितनी जल्दी होगी, अनुभव और ग्रोथ की संभावनाएं उतनी ही बेहतर होंगी.














